अपार आईडी : छात्रों को मिलेगी नई पहचान, अब आधार की तरह होगा अपना खास नंबर !

अपार आईडी : क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी पढ़ाई का सफर कैसे ट्रैक किया जा सकता है? आपने जो भी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है, उसका रिकॉर्ड एक जगह पर कैसे रखा जा सकता है?

चिंता न करो दोस्तों! अब यह सब होगा। शिक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब से हर छात्र को एक खास आईडी नंबर मिलेगा। यह 12 अंकों का नंबर आधार कार्ड की तरह ही होगा और इसे ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री यानी अपार आईडी कहा जाएगा।

अपार आईडी से जुड़ेंगे आपके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड्स

दोस्तों, यह आईडी आपको स्कूल में दाखिला लेते ही मिल जाएगा। फिर चाहे आप किसी भी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में जाएँ, यही आईडी आपके साथ रहेगा।

इस आईडी से आपकी सारी शैक्षणिक गतिविद्याएं जुड़ी रहेंगी – जैसे विद्यालय ट्रांसफर, सर्टिफिकेट सत्यापन, स्किल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, स्कॉलरशिप, पुरस्कार, कोर्स क्रेडिट ट्रांसफर आदि।

यानी अब आपका पूरा शिक्षा इतिहास डिजिटल रूप में एक जगह मौजूद रहेगा!

ऑटोमेटेड परमानेंट परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री यानी अपार आईडी (APAAR ID)। स्टूडेंट्स की अब यही पहचान होगी। यह आधार की तरह 12 डिजिट का नंबर होगा। आईडी बाल वाटिका, स्कूल या कॉलेज में दाखिला लेते ही मिलेगा। ‘ स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी ट्रांसफर, सर्टिफिकेट सत्यापन, स्किल ट्रेनिंग,

इंटर्नशिप, स्कॉलरशिप, अवॉर्ड, कोर्स क्रेडिट ट्रांसफर जैसी जानकारी डिजिटल रूप में समाहित रहेगी।

अपार आईडी से मिलेगी नौकरी और स्किल डेवलपमेंट में भी मदद

दोस्तों, अपार आईडी का फायदा नौकरी पाने में भी होगा। आपके सभी शैक्षणिक योग्यताओं और प्रमाणपत्रों की जानकारी इस आईडी में मौजूद रहेगी।

नौकरी के बाद भी अगर आपको कोई नई स्किल सीखनी है या री-स्किल करना है, तो भी यही आईडी काम आएगी। इस तरह अपार आईडी आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

देश में 30 करोड़ स्टूडेंट्स हैं। 4.1 करोड़ उच्च शिक्षा और 4 करोड़ स्किलिंग कोर्स से जुड़े हैं। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट सिस्टम के चलते है इस सत्र से एक हजार उच्च शिक्षा संस्थानों के एक करोड़ छात्र-छात्राएं अपार के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य सभी छात्रों को अपार के दायरे में लाने का है। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को सभी स्टूडेंट्स का अपार रजिस्ट्रेशन का आग्रह किया है

कई बार अलग- अलग एजेंसियों के पास एक ही संस्था के बारे में उपलब्ध डेटा में भी विसंगतियां होती हैं। अब एक ही प्लेटफॉर्म से डेटा शेयरिंग से सभी किस्म की समस्याएं खत्म होंगी।

यह आईडी कहां बनेगा ?

अपार आईडी आधार नंबर के जरिए जारी होगा। स्कूल-कॉलेज के माध्यम से ही बनेगी। माता- पिता/अभिभावकों की सहमति जरूरी। इसका डेटा शिक्षा संबंधी विभागों और संस्थानों के साथ साझा होगा। इसके तहत बच्चों का

आधार वेरिफिकेशन किया जाएगा। अपार से जुड़े रिकॉर्ड डिजिलॉकर में उपलब्ध होंगे।

कहां उपयोग हो सकेगा?

छात्र जीवन से जुड़ी हर अकादमिक गतिविधि की अधिकृत सूचना इस नंबर के साथ उपलब्ध होगी। नौकरी पाने के लिए भी सीधे अपार नंबर का इस्तेमाल हो सकेगा। यही नहीं, नौकरी पाने के बाद स्किलिंग, रीस्किलिंग या अपस्किलिंग में भी इसी का इस्तेमाल हो सकेगा।

एक आईडी, अनेक फायदे!

दोस्तों, इस तरह अपार आईडी आपको कई तरह की सुविधाएं प्रदान करेगा –

शिक्षा संबंधी सारी जानकारी एक जगह

बार-बार डॉक्यूमेंट्स का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा

कोर्स क्रेडिट ट्रांसफर में आसानी

नौकरी और स्किल डेवलपमेंट में मददगार

रेल/बस कंसेशन में भी काम आएगा

अपार आईडी से कौन सी मुश्किलें आसान होंगी?

 कोर्स क्रेडिट ट्रांसफर में आसानी होगी। मसलन किसी कोर्स के दो विषय आप पढ़ चुके हैं और अन्य विषय बाद में पढ़ते हैं तो इसमें जानकारी रहेगी कम्पा कि आप दो विषय शुरुआत में पढ़ चुके हैं। ये दोबारा नहीं पढ़ने होंगे। अपार में सर्टिफिकेट वेरिफाइड रहेंगे। बार-बार वेरिफिकेशन का झंझट खत्म होगा। स्टूडे और किन्हें जारी होगा?

स्टूडेंट्स के साथ ही शिक्षकों को उनके पैन नंबर, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या उच्च शिक्षा संस्थानों और एडुटेक कंपनियों व शैक्षणिक स्टार्टअप को उनके यूडाइस, आईसी या जीएसटीएन नंबर के आधार पर अपार नंबर जारी होगा।.

इस तरह एक आईडी आपके लिए बहुत सारे काम आएगी!

आशा है कि अपार आईडी के बारे में आपको जानकारी मिली होगी। यह छात्रों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगा। इस नई पहल का लाभ उठाइए और अपना शिक्षा इतिहास डिजिटल कीजिए!

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