प्रभु श्रीराम के आगमन की खुशी में अयोध्या करेगा 51 घाटों पर 21 लाख दीप जलाकर स्वागत

मानो त्रेता युग का नज़ारा, अयोध्या में जगमगा उठा है दीपोत्सव का त्योहार

अयोध्या इन दिनों रंग-बिरंगी लाइटों से सजी हुई है, मानो प्राचीन त्रेता युग का नज़ारा फिर से जीवंत हो गया हो। 11 नवंबर को यहां 21 लाख दीपक जलाकर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाना है। इससे पहले अयोध्या के हर चौक-चौराहे, मंदिर और मठ दीपावली के दीपकों से जगमगा उठे हैं।

राम मंदिर निर्माण का उत्साह भी दिख रहा है दीपोत्सव में

यही नहीं, भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने का उत्साह भी इस दीपोत्सव में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। 22 जनवरी को प्रभु राम अपने नए मंदिर में विराजमान होंगे, और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक यहां भव्य लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राम कथा को दर्शाया जाएगा। शाम को रंग-बिरंगी लाइटिंग और जल-प्रदर्शनी देखकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

विदेशी कलाकार प्रस्तुत करेंगे रामलीला

इस बार दीपोत्सव के दौरान विशेष रूप से रामलीला का मंचन भी किया जाएगा, जिसमें विदेशी कलाकार रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम की कथा प्रस्तुत करेंगे।

रंग-बिरंगी अयोध्या को देखकर लगता है जैसे प्रभु राम फिर से 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे हों, और नगरवासी उनका भव्य स्वागत कर रहे हों। वास्तव में, वर्तमान सरकार प्राचीन त्रेता युग को लौटाने का प्रयास कर रही है। पूरा नगर स्वर्णिम आभा से दमक रहा है।

अयोध्या

25 हज़ार से अधिक स्वयंसेवक लगा रहे हैं दीप

लगभग 1000 स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने 51 घाटों पर प्रत्येक में 500-500 दीयों के गट्ठर रखवाए हैं। बुधवार से इन दीयों को निर्धारित स्थानों पर लगाने का काम शुरू हो गया है, जो 9 नवंबर तक चलेगा। 10 को दीपों की गिनती की जाएगी और 11 को स्वयंसेवक दीपों में तेल भरकर प्रज्ज्वलित करेंगे।

इस प्रकार अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव के लिए तैयार है, जिसमें 25 हज़ार से अधिक स्वयंसेवक विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखे हुए हैं। अयोध्या को फिर से प्राचीन काल की भव्यता में ढालने की ओर एक कदम और बढ़ाया जा रहा है।

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