सहारा ग्रुप: क्या अब भी निवेशकों को मिल पाएगा फंसा हुआ पैसा? सरकार ने दिया भरोसे का संकेत

सहारा ग्रुप के फाउंडर सुब्रत रॉय के निधन के बाद ग्रुप की कंपनियों की बढ़ती देनदारी ने फिर से हलचल मचा दी है। लाखों निवेशक अपनी जमा रकम को लेकर चिंतित थे। लेकिन अब सरकार की तरफ से ऐसे संकेत मिल रहे हैं जिससे निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटने लगी है।केंद्र सरकार ने 25 हजार करोड़ में से 5 हजार करोड़ सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से निकाल लिए हैं। सहारा ने सहकारिता समितियों के जरिए भी पैसे उगाहे थे। सरकार ने प्रति डिपॉजिटर 10 हजार देने की स्कीम चलाई है। अब तक 33 लाख लोग पैसे मांगने आए हैं। सरकार ने संसद को बताया था कि 13 करोड़ लोगों के 1 लाख करोड़ सहारा में लगे हैं।

सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट का भविष्य

सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट में मौजूद अनक्लेम्ड फंड का उपयोग जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए किए जाने का एलान किया गया है। चाहे इस फैसले से कई लोगों को तकलीफ हो, लेकिन सरकार इस तरह का कदम क्यों उठा रही है? क्या वास्तव में उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है?

31 मार्च 2023 तक सहारा ग्रुप से रिकवर और सरकारी बैंकों में जमा कुल रकम 25, 163 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 17,526 आवेदकों को 138 करोड़ रुपए लौटाए जा चुके हैं। मार्च में ही सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद 5 हजार करोड़ रुपए सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव सोसायटी को ट्रांसफर किए थे। ताकि सहारा ग्रुप ऑफ को-ऑपरेटिव सोसायटी के वैध जमाकर्ताओं के डिपॉजिट के आधार पर भुगतान किया जा सके।

सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई

2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहारा ग्रुप से निवेशकों के पैसे वापसी के लिए सेबी के पास रिफंड अकाउंट बनाया गया

2022 में सहकारी समितियों के माध्यम से जुटाए गए फंड के निपटारे के लिए 5 हजार करोड़ रुपये निकाले

निवेशकों को 10 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देने की योजना चलाई, अब तक 33 लाख लोगों ने दावा किया

निवेशकों के लिए सतर्कता बरतना जरूरी

आइए समझने की कोशिश करते हैं इस पूरे मामले के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को –

सबसे पहले तो यह समझना होगा कि सहारा केस में फंसे निवेशकों की संख्या बहुत ज्यादा है। कुछ अनुमानों के मुताबिक लगभग 13 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं, जिनके करीब 1 लाख करोड़ रुपये इसमें फंसे हुए हैं।

ऐसे में अगर सरकार सीधे इतनी बड़ी रकम का भुगतान करने का प्रयास करती तो मुश्किल होता। इसलिए ‘सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट’ की रकम का इस्तेमाल कर धीरे-धीरे निवेशकों को राहत देने की योजना बनाई गई।

हालांकि यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी लग सकती है, लेकिन सरकार की ओर से कम से कम ऐसी पहल किए जाने का संकेत मिलना खुशी की बात है। निवेशकों को अब और इंतजार करना होगा, लेकिन उम्मीद की किरण तो दिखाई दे रही है।

कुल मिलाकर, सहारा केस में फंसे लोगों के लिए यह एक प्रेरणादायक कदम है। हालांकि प्रक्रिया धीमी रह सकती है, लेकिन इस फैसले से उनके चेहरे पर खुशी लौटी है और उन्हें भरोसा है कि एक दिन उनका पैसा लौटकर अवश्य आएगा!

Also Read : Helth Insurance Claim 2023 : जानिए! कैसे बचाएं अपना हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने से

FD के अलावा इन पर भी नजर डालें : 2023 में बढ़ती महंगाई में बचाएं अपनी आय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *